Yogendra Nath Yogi

 Guru Gorakhnath

Adesh Adesh

 

Whenever Yogis or Nath-Yogis meet, they greet each other with the salutation “Adesh-Adesh!” Gorakshanath the Maha Yogi wrote: Aatmetu paramaatmeti jiivatmeti vicaarane Trayaanaam aikya-samshutir asdes’s iti kiirtitah In our relative thought we distinguish between Atman, Paramatman, and Jiva. The Truth is that these three are one and a realization of it is called Adesha. Thus the yogi in his contact with others expressed only the simple truth in the words, “Adesh-Adesh!”

 It is a foundation stone on which all spiritual light and attainment must be erected. It is the first truth to attain the First Lord

शिव आदेश ॐ अलख निरंजन शिव को आदेश


शिव आदेश
ॐ अलख निरंजन शिव को आदेश।
अविगत महापुरुष मूल पुरुष पुरुषोत्तम आद पुरुष शिव को आदेश। ज्योति-परमज्योति-अयोनि रूद्र शिव को आदेश। विशूनी विश्वमूर्ति पाताल ग्रहणी शिव को आदेश। मुखेवेद पुराण नासिका गंगा - जमना - सरस्वती शिव को आदेश। ललाटी चंद मस्तके त्रिकुटा देवता धारी शिव को आदेश। नक्षत्री माला अठारह भार वनस्पती हृदय के तैतीस करोड़ देवता धारी शिव को आदेश। सेली सिंगी मीन मेखला बाघाम्बरधारी रोम - रोम सप्त सागरा शिव को आदेश। शिव के बायीं ओर निर्गुण ब्रहम् दाहिनी ओर शक्ति महामाया बीच में स्वयं पूर्ण अखण्ड ज्योति स्वरूप शिव को आदेश। विभूति धारी बीज मंत्र घोर मंत्र अघोर मंत्र क्षीर मंत्र गायत्री मंत्र अभय जाप तंत्र - मंत्र स्वरूप शिव को आदेश। नर - नारी भूत - प्रेत यक्ष किन्नर इन्द्रादि देवता ब्रह्माण्ड व्यापक शिव को आदेश। साधु - संत योगी - ज्ञानी तपस्वी त्यागी अवधूत हर भक्त के ईष्ट शिव को आदेश। जीवों का आराध्या शिव को आदेश। सूक्ष्म में सूक्ष्म विराटों में व्यापक महातत्त्व शिव को आदेश। सृष्टि उत्पत्ति संहार पालन पंच महातत्त्व शिव को आदेश। चार खानी चार बानी चन्द सूर पवन पानी शिव को आदेश। चराचर सृष्टि का बिज शिव को आदेश। करोड़ों सूर्य प्रकाशनाथ योग आदर्श शिव को आदेश। परमात्मपूर्ण आनंद सर्व शक्तिमान चैतन्य रूप जितेन्द्र मोक्ष कैवल्य मुक्तिदाता भिन्न - अभिन्न शिव को आदेश। महाज्ञानी कृपा साक्षात्कार शिव को आदेश। सर्वनाथ सिद्धों का सतगुरु आदिनाथजि ॐकार शिव को आदेश। इतना शिव सबद निरूपा सम्पूर्ण भया। श्रीनाथजी गुरुजी को आदेश।
श्रीशंभुजती गुरु गोरखनाथ बाल स्वरूप बोलिए। इतना नौ नाथ स्वंरूप मंत्र सम्पूर्ण भया अनन्त कोट सिद्धों में बैठकर गुरु गोरखनाथजि ने कहाया नाथजी गुरुजी आदेश।

MAHAYOGI GURU GORAKHNATH-NATH YOGI,S -UNDER CLIK

VEDEO-NATH YOGI,S AND TEMPLE-UNDER CLIK

Recent Videos

1347 views - 0 comments
998 views - 0 comments
825 views - 1 comment
798 views - 0 comments

Recent Forum Posts

SSP
by SHANKER over a year ago

Featured Etsy Items

No featured products.

Testimonials

  • "Om shivgorkh Yogi, Gorakshya Balam, Guru-sishya Palam, Sesha Himalam, Sasikhanda bhalam Kalasya Kalam, Jeeta Janma Jalam, Bandey Jatalam, Jagadabjanalam, Tum Sata-Chita-Aan..."
    Aage Aage Gorakh Jage

Featured Products

No featured products

Recent Prayer Requests

  • FOR MY AUTISTIC SON WHO IS UNABLE TO SPEAK

    PRAYER TO ENABLE MY ONLY SON TO SPEAK. HE URINATES FREQUENTLY.